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समंदर सारे शराब होते तो सोचो कितना बवाल होता, हक़ीक़त सारे ख़्वाब होते तो सोचो कितना बवाल होता, किसी के दिल में क्या छुपा है ये बस ख़ुद...
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छोटी-छोटी छितराई यादें... बिछीं हुई हैं लम्हों की लॉन पर, नंगे पैर उनपे चलते-चलते इतनी दूर आ गये हैं, कि भूल गये हैं जूते...
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जागती रात के होठों पर फसाने जैसे एक पल में सिमट आये हों ज़माने जैसे अक्ल कहती है भुला दो जो नही मिल पाया दिल वो पाग...
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जब नाम तेरा प्यार से लिखती हैं उँगलियाँ मेरी तरफ ज़माने की उठती हैं उंगलियाँ दामन सनम का हाथ में आया था एक पल दिन-रात उस एक पल से मह...
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याद नही क्या क्या देखा, सारे मंजर भूल गये, उसकी गलियों से जब लौटे, अपना ही घर भूल गये, खूब गये परदेश कि अपने दीवारों द...
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जिस तरह की हैं ये दीवारें ये दर जैसा भी है सर छिपाने को मयस्सर तो है घर जैसा भी है उस को मुझसे मुझको उस से निस्बतें हैं बेशुमार मेरी ...
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क्या ख़ूब ज़माने की वफ़ा देखते रहे हर बात में हम अपनी खता देखते रहे यूँ तो ज़माने ने बदले बहुत रंग पर हम ...
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आंसू हो कर भी हँसाने की ये कैसी मज़बूरी है अपने मुख को धक् लेने की ये कैसी मज़बूरी है कल तक ये अंशुमन था मेरा की जी...
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खुबसूरत, ख्वाब था वो जब वो मेरे साथ था सारा जहाँ था मेरा मासूम सा था वो जान मेरा कुछ पल का साथ उसका जिन्दगी थी और खुशी भी...
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ये चाँदनी भी जिनको छूते हुए डरती है दुनिया यूँ ही फूलों को पैरों से मसलती है शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तम...
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- चाहत की राह में बिखरे अरमान बहुत हैं हम उसकी ...
- सभी को सबकुछ नही मिलता, नदी के हर लहर को साहि...
- आये है बेकसी-ए-इश्क पे रोना ग़ालिब, किस के घर ...
- दिल किसी और ना हो पाया... आरज़ू मेरी आज भी तुम...
- हम इश्क के उस मुकाम पर खड़े हैं, जहाँ दिल किसी और ...
- ये जो नज़रों से तुम मेरे दिल को निढाल करते हो, करत...
- तुझको देखा फिर उसको ना देखा चाँद कहता ही रहा मैं...
- हैरान हूँ तुम को मस्जिद में देख के ग़ालिब ऐसा भी ...
- और क्या वजह चाहिए मुझको जश्न मनाने की !!
- यही की थी मोहब्बत के सबक की इब्तदा मैंने !!
- ये कैसी मज़बूरी है...!!
- जाने ये जिन्दगी ले जाएगी कहाँ....!!!
- कभी इंसान सही या गलत नही होता.....
- सुन लो मेरी बात कहीं से आ जाओ.....
- आरज़ू थी तेरी बाँहों में दम निकले....
- ये तूने क्या किया है !
- मगर जब याद आएंगी.....
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