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My Shayari






तुझे पाने की कोशिश में कुछ इतना खो चुका हूँ मैं 
कि तू अगर मिल भी जाए तो अब मिलने का गम होगा 

Short shayari




रंजिश ही सही दिल दुखाने के लिए आ 
आ फिर से मुझे छोड़ जाने के लिए आ 
किस किस को बताएँगे जुदाई का सबब हम 
तू मुझसे खफा है तो जमाने के लिए आ !

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यूँ तो मसले औ मुद्दे बहुत हैं,
लिखने को मगर...
कमबख्त इन कागजों को तेरा ही 
जिक्र अजीज है...

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इक बार उलझना है तुमसे 
बहुत कुछ सुलझाने के लिए...


ना जाने कब से इंतज़ार है उसका 
जो कह गया था मेरा इंतज़ार मत करना !

मेरी आरज़ू | Meri Aarzoo




कोई रात मेरे आशना, मुझे यूँ भी तो नशीब हो
न रहे ख्याल लिबास का, वो इतना मेरे करीब हो 

बदन की गर्म आंच से, मेरी आरजू को आग दे 
मेरा जोश बहक उठे, मेरा हाल भी अजीब हो 

तेरे चाशनी वजूद का सारा रस मैं चुरा लूँ
फिर तू ही मेरा मर्ज़ हो, और तू ही मेरा तबीब हो



चाहत की राह में बिखरे अरमान बहुत हैं 
हम उसकी याद से परेशान बहुत हैं 
वो हर बार दिल तोड़ता है ये कहकर दिल तोड़ देता है 
कि मेरी उम्मीदों की दुनिया में अभी मुकाम बहुत हैं 

पागल हुए जो हम तो उल्फत उसे भी थी 
चाहा जो हम ने उस को तो चाहत उसे भी थी 
उसको ना भूल पाएँगे वो जानता था 
और हर बात भूल जाने की आदत उसे भी थी 




सभी को सबकुछ नही मिलता, 
नदी के हर लहर को साहिल नही मिलता, 
ये दिलवालों की दुनिया है अजीब, 
किसी से दिल नही मिलता तो कोई दिल से नही मिलता !!





आये है बेकसी-ए-इश्क पे रोना ग़ालिब,
किस के घर जाएगा सैलाब-ए-बला मेरे बाद !!




दिल किसी और ना हो पाया...
आरज़ू मेरी आज भी तुम हो...
हम इश्क के उस मुकाम पर खड़े हैं,
जहाँ दिल किसी और को चाहे तो गुनाह लगता है !!
ये जो नज़रों से तुम मेरे दिल को निढाल करते हो,
करते तो ज़ुल्म हो साहिब ! मगर कमाल करते हो !!
तुझको देखा फिर उसको ना देखा 
चाँद कहता ही रहा मैं चाँद हूँ, मैं चाँद हूँ...
हैरान हूँ तुम को मस्जिद में देख के ग़ालिब 
ऐसा भी क्या हुआ के खुदा याद आ गया !!